शुभ पंचांग लोगो
सितंबर , २०२६ मंगलवार
ToranToran

५ मार्च २०२७ का पंचांग

रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
icon
वद ९
icon
वद १०
icon
वद ११
icon
वद ११
icon
वद १२
icon
वद १३
icon
वद १४
icon
वद १५
icon
सुद १
icon
सुद २
१०
icon
सुद ३
११
icon
सुद ४
१२
icon
सुद ५
१३
icon
सुद ६
१४
icon
सुद ७
१५
icon
सुद ८
१६
icon
सुद १०
१७
icon
सुद ११
१८
icon
सुद १२
१९
icon
सुद १३
२०
icon
सुद १४
२१
icon
सुद १५
२२
icon
वद १
२३
icon
वद २
२४
icon
वद ३
२५
icon
वद ४
२६
icon
वद ५
२७
icon
वद ६
२८
icon
वद ७
२९
icon
वद ८
३०
icon
वद ९
३१

मार्च, २०२७

शुक्रवार

माघ वद द्वादशी

विक्रम संवत २०८३

चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय:०६:५७ AM
सूर्यास्त:०६:४५ PM

त्योहार और छुट्टियां

आज कोई त्यौहार या छुट्टी नहीं है

राशि

तिथि

वद द्वादशी
०९:५३ पूर्वाह्न
वद त्रयोदशी

नक्षत्र

उत्तराषाढ़ा
०१:३५ पूर्वाह्न
श्रवण

योग

वरियान
०१:५९ पूर्वाह्न
परिघ

दैनिक पंचांग विवरण

ब्रह्म मुहूर्त:०५:२१ AM - ०६:०९ AM
राहु काल:११:२३ AM - १२:५१ PM
यमगण्ड काल:०३:४८ PM - ०५:१७ PM
प्रातः सन्ध्या:०५:५३ AM - ०६:५७ AM
मध्याह्न सन्ध्या:१२:१५ PM - ०१:२७ PM
सायं सन्ध्या:०६:४५ PM - ०७:४९ PM
करण:तैतिल (०९:५३ पूर्वाह्न बजे तक)
दूसरा करण:गारा (०९:५३ पूर्वाह्न बजे के बाद)
अभिजीत मुहूर्त:१२:२८ PM - ०१:१५ PM
पक्ष: कृष्ण पक्ष (अंधेरा)
अमान्त माह: माघ
पूर्णिमांत माह: फाल्गुन
शक संवत: १९४८
विक्रम संवत: २०८३
गुजराती संवत: २०८३

इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ

विजया एकादशी:३ मार्च (बुधवार)
विजया एकादशी:४ मार्च (गुरुवार)
महाशिवरात्रि:६ मार्च (शनिवार)
गुडी पडवा:९ मार्च (मंगलवार)
उगादी:९ मार्च (मंगलवार)
चेटीचंद:९ मार्च (मंगलवार)
आज दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:१३ मार्च (शनिवार)
होलाष्टक प्रारंभ:१६ मार्च (मंगलवार)
आमलकी एकादशी:१८ मार्च (गुरुवार)
होली:२१ मार्च (रविवार)
धुलेटी:२२ मार्च (सोमवार)
विश्व जल दिवस:२२ मार्च (सोमवार)
पुष्पादोलोत्सव:२३ मार्च (मंगलवार)
आज चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।:२७ मार्च (शनिवार)

५ मार्च २०२७ का पंचांग

५ मार्च २०२७ को शुक्रवार है। यह दिन माघ मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी है, जो ०९:५३ पूर्वाह्न तक रहेगी; इसके बाद कृष्ण पक्ष त्रयोदशी प्रारंभ होगी। इस दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जो ०१:३५ पूर्वाह्न के बाद श्रवण में बदलेगा। राहु काल ११:२३ AM से १२:५१ PM तक रहेगा।

वारशुक्रवार
माहमार्च २०२७
तिथिद्वादशी (०९:५३ पूर्वाह्न तक; फिर त्रयोदशी)
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा (०१:३५ पूर्वाह्न तक; फिर श्रवण)
योगवरियान (०१:५९ पूर्वाह्न तक; फिर परिघ)
करणतैतिल (०९:५३ पूर्वाह्न तक; फिर गारा)
पक्षकृष्ण
मासमाघ
राहु काल११:२३ AM – १२:५१ PM
गुलिक काल०८:२६ AM – ०९:५४ AM
यमगण्ड काल०३:४८ PM – ०५:१७ PM
अभिजीत मुहूर्त१२:२८ PM – ०१:१५ PM
ब्रह्म मुहूर्त०५:२१ AM – ०६:०९ AM
सूर्योदय०६:५७ AM
सूर्यास्त०६:४५ PM
चंद्र राशिमकर (१२:०० पूर्वाह्न तक)
शुभ रंगसफ़ेद
विक्रम संवत२०८३
शक संवत१९४८

५ मार्च २०२७ को क्या है?

५ मार्च २०२७ को शुक्रवार है। इस दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग वरियान, चंद्र राशि मकर है।

५ मार्च २०२७ को कौन-सी तिथि है?

५ मार्च २०२७ को कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि है। यह तिथि ०९:५३ पूर्वाह्न तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। सभी द्वादशी तिथियाँ देखें। आज की सटीक तिथि और उसका समय जानने के लिए आज की तिथि पेज देखें।

५ मार्च २०२७ का नक्षत्र क्या है?

५ मार्च २०२७ का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है। ०१:३५ पूर्वाह्न के बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

५ मार्च २०२७ का राहु काल क्या है?

५ मार्च २०२७ का राहु काल ११:२३ AM से १२:५१ PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।

५ मार्च २०२७ का शुभ मुहूर्त क्या है?

५ मार्च २०२७ का अभिजीत मुहूर्त १२:२८ PM से ०१:१५ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०५:२१ AM से ०६:०९ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।

५ मार्च २०२७ के शुभ और अशुभ समय

शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:२८ PM – ०१:१५ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०५:२१ AM – ०६:०९ AM), शुभ रंग सफ़ेद
अशुभ समय: राहु काल (११:२३ AM – १२:५१ PM), गुलिक काल (०८:२६ AM – ०९:५४ AM), यमगण्ड काल (०३:४८ PM – ०५:१७ PM)।

क्या ५ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

हाँ, ५ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।

५ मार्च २०२७ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?

पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।

पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

५ मार्च २०२७ को कौन-सी तिथि है?

५ मार्च २०२७ को क्या है?

५ मार्च २०२७ का नक्षत्र क्या है?

५ मार्च २०२७ का राहु काल क्या है?

५ मार्च २०२७ का शुभ मुहूर्त क्या है?

५ मार्च २०२७ के शुभ और अशुभ समय

५ मार्च २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?

५ मार्च २०२७ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?

पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?