मंगलवार, १ सितंबर २०२६ · श्रावण कृष्ण
आज की तिथि - आज कौन सी तिथि है?
हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार, १ सितंबर २०२६ को कृष्ण की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि ३१ अगस्त, ०८:५१ AM से आरंभ होकर १ सितंबर, ०७:४१ AM तक रहेगी। आज का नक्षत्र रेवती और वार मंगलवार है।
आज का पंचांग - तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी |
|---|---|
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि आरंभ | ३१ अगस्त, ०८:५१ AM |
| तिथि समाप्ति | १ सितंबर, ०७:४१ AM |
| सूर्योदयकालीन तिथि (उदय तिथि) | चतुर्थी |
| नक्षत्र | रेवती (०३:२३ पूर्वाह्न तक; फिर अश्विनी) |
| योग | गण्ड (०१:५० पूर्वाह्न तक; फिर वृद्धि) |
| करण | बालव (०७:४१ पूर्वाह्न तक; फिर कौलव) |
| वार | मंगलवार |
| मास | श्रावण |
| तारीख | १ सितंबर २०२६ |
चतुर्थी तिथि पर धार्मिक और शुभ कार्य पारंपरिक रूप से किए जाते हैं। इस तिथि पर पूजा-पाठ, व्रत और मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं।
यह तिथि पारंपरिक हिंदू पंचांग की दृक् गणित (Drik Ganita) पद्धति से - सूर्य और चंद्रमा के बीच के कोणीय अंतर के आधार पर - निकाली जाती है और प्रतिदिन अपडेट होती है।
कल की तिथि और आने वाले दिन
कल की तिथि: बुधवार, २ सितंबर २०२६ को कृष्ण की पंचमी तिथि रहेगी।
बीते कल की तिथि: सोमवार, ३१ अगस्त २०२६ को कृष्ण की तृतीया तिथि थी।
| दिनांक | वार | तिथि |
|---|---|---|
| २ सितंबर २०२६ | बुधवार | कृष्ण पंचमी |
| ३ सितंबर २०२६ | गुरुवार | कृष्ण षष्ठी |
| ४ सितंबर २०२६ | शुक्रवार | कृष्ण सप्तमी |
| ५ सितंबर २०२६ | शनिवार | कृष्ण अष्टमी |
| ६ सितंबर २०२६ | रविवार | कृष्ण दशमी |
| ७ सितंबर २०२६ | सोमवार | कृष्ण एकादशी |
| ८ सितंबर २०२६ | मंगलवार | कृष्ण द्वादशी |
तिथि क्या है? - हिंदू पंचांग में तिथि का महत्व
तिथि हिंदू पंचांग के पाँच प्रमुख अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) में सबसे पहला और महत्वपूर्ण अंग है। तिथि चंद्रमा की कला पर आधारित होती है और किसी भी शुभ कार्य, व्रत, त्योहार या मुहूर्त का निर्धारण तिथि से ही होता है।
शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष
एक चंद्र मास दो पक्षों में बँटा होता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा बढ़ता है (अमावस्या के बाद पूर्णिमा तक) और कृष्ण पक्ष में घटता है (पूर्णिमा के बाद अमावस्या तक)। हर पक्ष में १५ तिथियाँ होती हैं।
१५ तिथियों के नाम
- प्रतिपदा
- द्वितीया
- तृतीया
- चतुर्थी
- पंचमी
- षष्ठी
- सप्तमी
- अष्टमी
- नवमी
- दशमी
- एकादशी
- द्वादशी
- त्रयोदशी
- चतुर्दशी
- पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष का अंत) / अमावस्या (कृष्ण पक्ष का अंत)
तिथि और हिंदू त्योहार
अधिकांश प्रमुख हिंदू त्योहार तिथि के आधार पर ही मनाए जाते हैं, अंग्रेज़ी तारीख से नहीं। इसीलिए इनकी तारीख हर साल बदलती है। कुछ उदाहरण:
- एकादशी - हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि (व्रत)
- गणेश चतुर्थी - भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
- जन्माष्टमी - भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
- राम नवमी - चैत्र शुक्ल नवमी
- नवरात्रि - प्रतिपदा से नवमी तक
- महाशिवरात्रि - फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
- गुरु पूर्णिमा - आषाढ़ पूर्णिमा
तिथि का धार्मिक महत्व
व्रत और त्योहार तिथि के अनुसार ही तय होते हैं - जैसे एकादशी का व्रत, चतुर्थी पर गणेश पूजा, अष्टमी–नवमी पर देवी पूजा, पूर्णिमा और अमावस्या के विशेष अनुष्ठान। धार्मिक कार्यों में सूर्योदय के समय जो तिथि होती है (उदय तिथि) वही पूरे दिन के लिए मान्य होती है। किसी भी शुभ मुहूर्त के लिए तिथि के साथ नक्षत्र और वार का मेल देखा जाता है।
आज का पूरा पंचांग - तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त - देखने के लिए शुभ पंचांग पर जाएँ।





