श्रावण वद चतुर्थी - विक्रम संवत २०८३
शुभ (अच्छा): ०३:४८ PM - ०५:२२ PM
रोग (बुराई): ०५:२२ PM - ०६:५७ PM
वद दशमी - अप्रैल फूल दिवस
मकर
वद एकादशी - पापमोचनी एकादशी
मकर
वद द्वादशी - गुड फ्राइडे
मकर
वद त्रयोदशी
कुंभ
वद चतुर्दशी
कुंभ
वद अमावस
मीन
सुद प्रतिपदा - गुडी पडवा, उगादी, चेटीचंद, विश्व स्वास्थ्य दिवस
मीन
सुद द्वितीया
मेष
सुद तृतीया
मेष
सुद चतुर्थी - आज दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।
वृषभ
सुद पंचमी
वृषभ
सुद षष्ठी
वृषभ
सुद सप्तमी
मिथुन
सुद अष्टमी - वैसाखी, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती
मिथुन
सुद नवमी - राम नवमी
कर्क
सुद दशमी
कर्क
सुद एकादशी - कामदा एकादशी
सिंह
सुद द्वादशी
सिंह
सुद चतुर्दशी
कन्या
सुद पूर्णिमा - हनुमान जन्मोत्सव (हनुमान जयंती)
कन्या
वद प्रतिपदा
तुला
वद द्वितीया
तुला
वद तृतीया - विश्व पुस्तक दिवस
वृश्चिक
वद चतुर्थी - आज चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेगा।
वृश्चिक
वद पंचमी
वृश्चिक
वद पंचमी
धनु
वद षष्ठी
धनु
वद सप्तमी
मकर
वद अष्टमी
मकर
वद नवमी
मकर
इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ
१
अप्रैल, २०२७
गुरुवार
फागुन वद दशमी
विक्रम संवत २०८३

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दैनिक पंचांग विवरण
इस महीने आने वाले त्यौहार और छुट्टियाँ
१ अप्रैल २०२७ का पंचांग
१ अप्रैल २०२७ को गुरुवार है। यह दिन फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष में आता है। आज की तिथि कृष्ण पक्ष दशमी है, जो १२:०० पूर्वाह्न तक रहेगी। इस दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जो ०९:२५ पूर्वाह्न के बाद श्रवण में बदलेगा। राहु काल ०२:१६ PM से ०३:४९ PM तक रहेगा।
| वार | गुरुवार |
|---|---|
| माह | अप्रैल २०२७ |
| तिथि | दशमी (१२:०० पूर्वाह्न तक) |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा (०९:२५ पूर्वाह्न तक; फिर श्रवण) |
| योग | शिव (०८:५१ पूर्वाह्न तक; फिर सिद्ध) |
| करण | विष्टि (१२:०० पूर्वाह्न तक; फिर बव) |
| पक्ष | कृष्ण |
| मास | फाल्गुन |
| राहु काल | ०२:१६ PM – ०३:४९ PM |
| गुलिक काल | ०९:३८ AM – ११:११ AM |
| यमगण्ड काल | ०६:३३ AM – ०८:०६ AM |
| अभिजीत मुहूर्त | १२:१९ PM – ०१:०८ PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | ०४:५७ AM – ०५:४५ AM |
| सूर्योदय | ०६:३३ AM |
| सूर्यास्त | ०६:५४ PM |
| चंद्र राशि | मकर (१२:०० पूर्वाह्न तक) |
| शुभ रंग | पीला |
| विक्रम संवत | २०८३ |
| शक संवत | १९४८ |
१ अप्रैल २०२७ को क्या है?
१ अप्रैल २०२७ को गुरुवार है। इस दिन का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शिव, चंद्र राशि मकर है। इस दिन अप्रैल फूल दिवस का पर्व है।
१ अप्रैल २०२७ को कौन-सी तिथि है?
१ अप्रैल २०२७ को कृष्ण पक्ष दशमी तिथि है। यह तिथि १२:०० पूर्वाह्न तक रहेगी। आज की सटीक तिथि और उसका समय जानने के लिए आज की तिथि पेज देखें।
१ अप्रैल २०२७ का नक्षत्र क्या है?
१ अप्रैल २०२७ का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है। ०९:२५ पूर्वाह्न के बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र चंद्रमा की आकाशीय स्थिति को दर्शाता है और पूजा, विवाह एवं यात्रा के मुहूर्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
१ अप्रैल २०२७ का राहु काल क्या है?
१ अप्रैल २०२७ का राहु काल ०२:१६ PM से ०३:४९ PM तक है। राहु काल में शुभ कार्य, यात्रा और नए उपक्रम आरंभ करने से बचना चाहिए। शुभ चौघड़िया देखने के लिए चौघड़िया पृष्ठ देखें।
१ अप्रैल २०२७ का शुभ मुहूर्त क्या है?
१ अप्रैल २०२७ का अभिजीत मुहूर्त १२:१९ PM से ०१:०८ PM तक है — यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त ०४:५७ AM से ०५:४५ AM तक है, जो ध्यान, पूजा और सकारात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। विस्तृत मुहूर्त सूची के लिए शुभ मुहूर्त पृष्ठ देखें।
१ अप्रैल २०२७ के शुभ और अशुभ समय
शुभ समय: अभिजीत मुहूर्त (१२:१९ PM – ०१:०८ PM), ब्रह्म मुहूर्त (०४:५७ AM – ०५:४५ AM), शुभ रंग पीला।
अशुभ समय: राहु काल (०२:१६ PM – ०३:४९ PM), गुलिक काल (०९:३८ AM – ११:११ AM), यमगण्ड काल (०६:३३ AM – ०८:०६ AM)।
क्या १ अप्रैल २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदलता है?
हाँ, १ अप्रैल २०२७ का पंचांग शहर के अनुसार बदल सकता है। पंचांग की गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है, जो हर स्थान पर अलग होती है। शुभ पंचांग चयनित शहर के अनुसार सटीक पंचांग प्रदान करता है।
१ अप्रैल २०२७ का पंचांग कैसे गणना किया जाता है?
पंचांग की गणना दृक गणित पद्धति पर आधारित है, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थितियों का उपयोग करती है। तिथि चंद्रमा और सूर्य के कोणीय अंतर से, नक्षत्र चंद्र की राशि स्थिति से, और योग दोनों ग्रहों की संयुक्त गति से निर्धारित होता है।
पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?
पंचांग वैदिक समय गणना प्रणाली है, जो तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता को दर्शाती है। इसका उपयोग पूजा, व्रत, मुहूर्त, यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता है।
पंचांग क्या है, इसे कैसे पढ़ें और इसका महत्व विस्तार से समझने के लिए यहाँ पढ़ें।





