
गौरी व्रत: भक्ति और प्रेम की एक पवित्र यात्रा
गौरी व्रत का महत्व, मां पार्वती की कथा और अविवाहित लड़कियों के लिए सुखी वैवाहिक जीवन और आध्यात्मिक विकास की प्राप्ति हेतु किए जाने वाले अनुष्ठानों के बारे में जानें।
श्रावण वद चतुर्थी - विक्रम संवत २०८३
शुभ (अच्छा): ०३:४८ PM - ०५:२२ PM
रोग (बुराई): ०५:२२ PM - ०६:५७ PM


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