शुभ पंचांग लोगो
सितंबर , २०२६ मंगलवार
ToranToran

ताराबल

नक्षत्र

रेवती
रेवती
०३:२३ पूर्वाह्न
अश्विनी
अश्विनी
नक्षत्र
परिणाम
अश्विनी
अश्विनी
परम मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
जन्म - अशुभ
भरणी
भरणी
मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
परम मित्र - शुभ
कृत्तिका
कृत्तिका
नैधन - अत्यंत अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
मित्र - शुभ
रोहिणी
रोहिणी
साधक - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
नैधन - अत्यंत अशुभ
मृगशिरा
मृगशिरा
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०३:२३ पूर्वाह्न
साधक - अत्यंत शुभ
आर्द्रा
आर्द्रा
क्षेम - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
पुनर्वसु
पुनर्वसु
विपत - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
क्षेम - शुभ
पुष्य
पुष्य
संपत - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
विपत - अशुभ
आश्लेषा
आश्लेषा
जन्म - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
संपत - अत्यंत शुभ
मघा
मघा
परम मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
जन्म - अशुभ
पूर्व फाल्गुनी
पूर्व फाल्गुनी
मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
परम मित्र - शुभ
उत्तर फाल्गुनी
उत्तर फाल्गुनी
नैधन - अत्यंत अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
मित्र - शुभ
हस्त
हस्त
साधक - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
नैधन - अत्यंत अशुभ
चित्रा
चित्रा
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०३:२३ पूर्वाह्न
साधक - अत्यंत शुभ
स्वाति
स्वाति
क्षेम - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
विशाखा
विशाखा
विपत - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
क्षेम - शुभ
अनुराधा
अनुराधा
संपत - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
विपत - अशुभ
ज्येष्ठा
ज्येष्ठा
जन्म - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
संपत - अत्यंत शुभ
मूल
मूल
परम मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
जन्म - अशुभ
पूर्वाषाढ़ा
पूर्वाषाढ़ा
मित्र - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
परम मित्र - शुभ
उत्तराषाढ़ा
उत्तराषाढ़ा
नैधन - अत्यंत अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
मित्र - शुभ
श्रवण
श्रवण
साधक - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
नैधन - अत्यंत अशुभ
धनिष्ठा
धनिष्ठा
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
०३:२३ पूर्वाह्न
साधक - अत्यंत शुभ
शतभिषा
शतभिषा
क्षेम - शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
प्रत्यारी - सावधानी आवश्यक
पूर्वभाद्रपद
पूर्वभाद्रपद
विपत - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
क्षेम - शुभ
उत्तरभाद्रपद
उत्तरभाद्रपद
संपत - अत्यंत शुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
विपत - अशुभ
रेवती
रेवती
जन्म - अशुभ
०३:२३ पूर्वाह्न
संपत - अत्यंत शुभ

आज का ताराबल : अर्थ, गणना और ज्योतिषीय महत्व

वैदिक ज्योतिष में ताराबल जन्म नक्षत्र और वर्तमान गोचर नक्षत्र के संबंध से प्राप्त बल को दर्शाता है। यह बताता है कि आज का दिन आपके लिए शुभ है या अशुभ।

जन्म नक्षत्र से वर्तमान नक्षत्र तक की गणना करके ताराबल निर्धारित किया जाता है।

ताराबल कैसे गणना करें?

  • जन्म – अशुभ
  • संपत – अत्यंत शुभ
  • विपत – अशुभ
  • क्षेम – शुभ
  • प्रत्यारी – सावधानी आवश्यक
  • साधक – अत्यंत शुभ
  • नैधन – अत्यंत अशुभ
  • मित्र – शुभ
  • परम मित्र – शुभ

पंचांग में २७ नक्षत्रों के लिए ताराबल दिखाया जाता है ताकि व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार परिणाम देख सके।

ताराबल का महत्व

यात्रा, नया कार्य प्रारंभ, व्यवसाय, समझौते या धार्मिक अनुष्ठान से पहले ताराबल देखना शुभ माना जाता है।

मजबूत ताराबल सफलता और प्रगति का संकेत देता है, जबकि कमजोर ताराबल बाधाओं का संकेत हो सकता है।

आज का ताराबल कैसे देखें?

ताराबल देखने के लिए सबसे पहले अपना जन्म नक्षत्र जानना आवश्यक होता है। इसके बाद आज चंद्रमा जिस नक्षत्र में गोचर कर रहा है, उसकी तुलना जन्म नक्षत्र से की जाती है। पंचांग में सभी 27 नक्षत्रों के लिए ताराबल के परिणाम दिए जाते हैं, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि दिन कितना अनुकूल है।

यदि ताराबल कमजोर हो तो क्या करें?

यदि ताराबल अनुकूल न हो तो महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्य कुछ समय के लिए टालना बेहतर माना जाता है। ऐसे समय में पूजा-पाठ, मंत्र जाप या शुभ मुहूर्त देखकर कार्य करना ज्योतिष में लाभकारी माना जाता है।

क्या ताराबल और चंद्रबल दोनों देखना चाहिए?

हाँ, महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ताराबल और चंद्रबल दोनों देखना उचित माना जाता है। ताराबल जन्म नक्षत्र और वर्तमान नक्षत्र के संबंध पर आधारित होता है, जबकि चंद्रबल जन्म राशि और चंद्रमा के गोचर से संबंधित होता है। दोनों को साथ में देखने से दिन की शुभता का बेहतर आकलन किया जा सकता है।