शुभ पंचांग लोगो
सितंबर , २०२६ मंगलवार
ToranToran

२०२६ की मासिक शिवरात्रि की तिथियां

पौष
वद चतुर्दशी
१ दिन २ घंटे
प्रारंभ
जनवरी १६, २०२६
१०:२१ अपराह्न
शुक्रवार
समाप्त
जनवरी १८, २०२६
१२:०४ पूर्वाह्न
रविवार
पूजा मुहूर्त
जनवरी १७, २०२६१२:२३ पूर्वाह्न०१:१५ पूर्वाह्न
५२ मिनट
माघ
वद चतुर्दशी
१ दिन ० घंटे
प्रारंभ
फ़रवरी १५, २०२६
०५:०४ अपराह्न
रविवार
समाप्त
फ़रवरी १६, २०२६
०५:३४ अपराह्न
सोमवार
पूजा मुहूर्त
फ़रवरी १६, २०२६१२:२८ पूर्वाह्न०१:१९ पूर्वाह्न
५० मिनट
फाल्गुन
वद चतुर्दशी
२३ घंटे २ मिनट
प्रारंभ
मार्च १७, २०२६
०९:२३ पूर्वाह्न
मंगलवार
समाप्त
मार्च १८, २०२६
०८:२५ पूर्वाह्न
बुधवार
पूजा मुहूर्त
मार्च १८, २०२६१२:२४ पूर्वाह्न०१:११ पूर्वाह्न
४७ मिनट
चैत्र
वद चतुर्दशी
२० घंटे ११ मिनट
प्रारंभ
अप्रैल १६, २०२६
१२:०० पूर्वाह्न
गुरुवार
समाप्त
अप्रैल १६, २०२६
०८:११ अपराह्न
गुरुवार
पूजा मुहूर्त
अप्रैल १६, २०२६१२:१६ पूर्वाह्न०१:०२ पूर्वाह्न
४५ मिनट
वैशाख
वद चतुर्दशी
२० घंटे ३९ मिनट
प्रारंभ
मई १५, २०२६
०८:३१ पूर्वाह्न
शुक्रवार
समाप्त
मई १६, २०२६
०५:११ पूर्वाह्न
शनिवार
पूजा मुहूर्त
मई १६, २०२६१२:१४ पूर्वाह्न१२:५७ पूर्वाह्न
४३ मिनट
अधिक ज्येष्ठ
वद चतुर्दशी
२० घंटे १२ मिनट
प्रारंभ
जून १३, २०२६
०४:०७ अपराह्न
शनिवार
समाप्त
जून १४, २०२६
१२:२० अपराह्न
रविवार
पूजा मुहूर्त
जून १४, २०२६१२:१८ पूर्वाह्न०१:०१ पूर्वाह्न
४२ मिनट
ज्येष्ठ
वद चतुर्दशी
१८ घंटे ४९ मिनट
प्रारंभ
जुलाई १३, २०२६
१२:०० पूर्वाह्न
सोमवार
समाप्त
जुलाई १३, २०२६
०६:४९ अपराह्न
सोमवार
पूजा मुहूर्त
जुलाई १३, २०२६१२:२४ पूर्वाह्न०१:०६ पूर्वाह्न
४२ मिनट
आषाढ़
वद चतुर्दशी
२० घंटे ५९ मिनट
प्रारंभ
अगस्त ११, २०२६
०४:५४ पूर्वाह्न
मंगलवार
समाप्त
अगस्त १२, २०२६
०१:५३ पूर्वाह्न
बुधवार
पूजा मुहूर्त
अगस्त १२, २०२६१२:२३ पूर्वाह्न०१:०७ पूर्वाह्न
४४ मिनट
श्रावण
वद चतुर्दशी
२२ घंटे २ मिनट
प्रारंभ
सितंबर ०९, २०२६
१२:३० अपराह्न
बुधवार
समाप्त
सितंबर १०, २०२६
१०:३३ पूर्वाह्न
गुरुवार
पूजा मुहूर्त
सितंबर १०, २०२६१२:१४ पूर्वाह्न०१:०० पूर्वाह्न
४६ मिनट
भाद्रपद
वद चतुर्दशी
२३ घंटे १९ मिनट
प्रारंभ
अक्टूबर ०८, २०२६
१०:१५ अपराह्न
गुरुवार
समाप्त
अक्टूबर ०९, २०२६
०९:३५ अपराह्न
शुक्रवार
पूजा मुहूर्त
अक्टूबर ०९, २०२६१२:०३ पूर्वाह्न१२:५२ पूर्वाह्न
४८ मिनट
आश्विन
वद चतुर्दशी
१ दिन १ घंटा
प्रारंभ
नवंबर ०७, २०२६
१०:४७ पूर्वाह्न
शनिवार
समाप्त
नवंबर ०८, २०२६
११:२७ पूर्वाह्न
रविवार
पूजा मुहूर्त
नवंबर ०७, २०२६११:५८ अपराह्न१२:४९ पूर्वाह्न
५० मिनट
कार्तिक
वद चतुर्दशी
१ दिन २ घंटे
प्रारंभ
दिसंबर ०७, २०२६
०२:२२ पूर्वाह्न
सोमवार
समाप्त
दिसंबर ०८, २०२६
०४:१२ पूर्वाह्न
मंगलवार
पूजा मुहूर्त
दिसंबर ०८, २०२६१२:०५ पूर्वाह्न१२:५७ पूर्वाह्न
५२ मिनट

मासिक शिवरात्रि २०२६ – भगवान शिव की मासिक पूजा

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र तिथि है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।

शिवरात्रि भगवान शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी शिव भक्तों के लिए विशेष पूजा और व्रत का दिन होती है।

मासिक शिवरात्रि का महत्व

मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, शिव मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।

मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और सुख, शांति तथा समृद्धि प्राप्त होती है।

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि

मासिक शिवरात्रि हर महीने आती है, लेकिन अमांत पंचांग के अनुसार माघ महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है।

जबकि पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की शिवरात्रि महाशिवरात्रि कहलाती है। हालांकि दोनों परंपराओं में सभी शिवरात्रि एक ही दिन मनाई जाती हैं।

पौराणिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे।

शिवलिंग की पहली पूजा भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ने की थी। इसी कारण महाशिवरात्रि को भगवान शिव का प्राकट्य दिवस माना जाता है।

शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से प्रचलित है। हिंदू पुराणों में इसका उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि देवी लक्ष्मी, इंद्राणी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती और रति ने भी शिवरात्रि व्रत का पालन किया था।

व्रत और पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और व्रत रखते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और बेलपत्र चढ़ाकर अभिषेक किया जाता है।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप, शिव पुराण का पाठ और रात्रि में जागरण इस दिन के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान हैं।

मासिक शिवरात्रि कब होती है?

मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हिंदू पंचांग के अनुसार मनाई जाती है।

क्या मासिक शिवरात्रि और महा शिवरात्रि अलग हैं?

हाँ। मासिक शिवरात्रि हर महीने मनाई जाती है, जबकि महा शिवरात्रि वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण शिवरात्रि होती है, जिसे बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।

मासिक शिवरात्रि का महत्व क्या है?

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन व्रत रखने और शिव पूजा करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है, नकारात्मकता दूर होती है और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।