श्रावण वद चतुर्थी - विक्रम संवत २०८३
काल (नुकसान): ०२:१४ PM - ०३:४८ PM
शुभ (अच्छा): ०३:४८ PM - ०५:२२ PM


२०२६ की गणेश चतुर्थी तिथियां
गणेश चतुर्थी २०२६ – भगवान गणेश का जन्मोत्सव
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और ज्ञान के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्म के उपलक्ष्य में दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने में दो चतुर्थी तिथियाँ होती हैं। शास्त्रों के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है और उनकी पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
विनायक चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी
अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
इन दिनों भक्त उपवास रखते हैं और भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अनुकूलन करते हैं।
भाद्रपद मास की गणेश चतुर्थी
यद्यपि विनायक चतुर्थी हर महीने आती है, लेकिन भाद्रपद महीने की विनायक चतुर्थी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
भाद्रपद मास की इस विनायक चतुर्थी को गणेश चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश का जन्मोत्सव भव्य अनुष्ठानों और उत्सवों के साथ मनाया जाता है।
वरद विनायक चतुर्थी
विनायक चतुर्थी को वरद विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। "वरद" का अर्थ है भगवान से अपनी इच्छाएँ पूर्ण करने का आशीर्वाद माँगना।
भगवान गणेश इस व्रत को रखने वाले भक्तों को बुद्धि और धैर्य का आशीर्वाद देते हैं। ये गुण व्यक्ति को जीवन में प्रगति करने और कठिनाइयों को दूर करने में मदद करते हैं।
गणेश पूजा विधि
इस दिन भक्त घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विशेष पूजा, आरती और भोग अर्पित करते हैं।
हिंदू परंपरा के अनुसार विनायक चतुर्थी के दिन गणेश पूजा दोपहर के समय (मध्याह्न) करना शुभ माना जाता है।
गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है?
गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है।
गणेश चतुर्थी क्यों महत्वपूर्ण है?
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव का प्रतीक है और बुद्धि, समृद्धि और सफलता पाने के लिए इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।



